Sunday, 3 May 2015

बन्दे तेरी यही कहानी

                                                  बन्दे तेरी यही कहानी


पढाई  और बस पढाई,
माँ- बाप देते है हर वक़्त दुहाई,
करो कम लड़ाई,
वरना हो जाएगी पिटाई ....

सुबह उठते ही दिमाग सोचे,
कहा करनी है आज घुमाई
दिल बोले,
जहा गर्लफ्रेंड की ना हो मनाही,
वहा पहुँचते ही,
जैसे ही वो करीब आई,
एक दूसरे कपल की आवाज़ आई,
भागो भागो पुलिस आई ,पुलिस आई.

उफ़्फ़
थक कर जब घर आये,
ऊपर से माँ की  आवाज़ आई,
कहाँ थे तुम,
कहां  की घुमाई ,
   पापा को पता चला ना,
तो हो जाएगी अच्छे  से कुटाई,
 जाओ अब जाकर करो पढ़ाई .......


अब कैसे उन्हें बताते,
गर्ल फ्रेंड कर चुकी है अच्छे से पिटाई,
डायमंड का बोल कर,
उसे आर्टिफीसियल रिंग जो है पहनायी
अब इस दर्द के साथ कैसे करू पढ़ाई।।।।।।।।

(उफ्फ्फ्फ्फ़  बड़ी नाइंसाफी है भाई )………………………………




  

Monday, 27 April 2015

कुछ कहना मुश्किल तो है .... 

क्यों किसी की ज़िन्दगी कभी कभी,
इतनी मजबूर तो जाती है
की खुद को दूसरो से छुपाना पड़ता है,
ना चाहते हुए भी ये जाताना पड़ता है,
की खुश है हम और हसकर मुस्कुराना पड़ता है..... 

मैंने कभी खुद को कमजोर नहीं पड़ने दिया,
हर वक़्त खुद को एक झूठ की चादर में उढ़ा दिया,
न जाने कब उन यादों को दफ़न कर पाऊँगी,
जिसने न मुझे चैन से जीने दिया और ना ही मरने दिया…… 


डरती हूँ कही ये राज ना खुल जाए,
मेरे पैरो तले ये ज़मीन न खिसक जाए,
चुप हूँ अगर मैं तो कोई वजह होगी,
वरना कही ये किसी की ज़िन्दगी का तूफ़ान न बन जाए ……।