Monday, 4 November 2013

yaadein...


 यादों की बात 

कुछ खोकर कुछ पाना अछा लगता है,
दर्द में डूबकर , हंसकर जाताना अछा लगता है,
दिल की गहराईओं से, उसे याद करना अछा लगता है,
चाह कर भी उसे, ना भूल पाना अछा लगता है,
कुछ खोकर कुछ पाना, अच्छा लगता है..

सितारों के आँचल में, बैठना अच्छा लगता है,
तन्हाईओं में खुद से, बातें करना अच्छा लगता है,
किसी रूठे हुए को सताकर,  मनाना अच्छा लगता है,
कुछ खोकर कुछ पाना अच्छा लगता है।



ek ehsaas

एक एहसास


प्यार एक खूबसूरत एहसास है ,
इसको दिल से महसूस किया जाता है,
जब दिल बाग़ बाग़ होने लगे,
तो ज़िन्दगी का रुख बदल जाता है।

ज़िन्दगी में एक बार,
प्यार हो ही जाता है,
जिसे उम्रभर उसका साथ मिलें ,
साथ चलने का सफ़र ,
बड़ा ही आसान हो जाता है।

कभी कभी दिलो में दूरियां आ जाती है ,
जिसे मिटाना मुशकिल हो जाता है ,
मन में हो अगर सच्चा प्यार ,
तो सारा रास्ता अपने आप बन जाता है।



zindagi kaa sach....

ज़िन्दगी का सच


सब कुछ बदल जाती है
पलभर में पलट जाती है
प्यार हो या दोस्ती यारी
एक ग़लतफहमी से टूट जाती है।

यकीन करो उनपर,
भरोसा हो जिनपर,
ना  जाने कब वो मोड़ आ जाए,
दोस्ती टूट के बिखर जाये,
संभल कर चलो यहाँ ,
बदलते है लोग यहाँ।

कोशिश करती हूं हर बार ,
चाहे हो जितनी बार ,
ना जाये कोई भी दूर मुझसे ,
दुआँ करती हूं बारम्बार।

गलती हुए ना हमसे ,
फिर भी सज़ा मिली सबसे ,
हम दूर हो गए तबसे ,
इलज़ाम लगा जबसे।
 

aurat ek prashn.....

औरत एक प्रश्न 

कुछ तो लोग कहेंगे , लोगो का काम है कहना,

पर तुम कभी भी इन दायरो में ना रहना,

करना वही जो तुम्हे अछा लगे,

क्योकि ये दुनिया है मर्दों की ,

इससे छुपकर ना रहना। 

औरत के रूप अनेक, 

पर इससे कोई समझ ना पाया,

 एक जमाना था, जब औरतों को समझाता था देवी,

आजकल तो बस, बनकर रह गयी है किसी की बीवी,

ना एहसास उसके आँसुओं का और ना उसके दुःख दर्द का ,

रौंद कर, गला दबाया जाता है हर पल उसके अरमानो का ,

कैसी ये दुनिया, कैसा ये समाज,

जिसमे लड़कियों को, बोझ समझा जाता है आज.. 

जहां बनी किरण बेदी आई.पी .एस  ऑफिसर,

कल्पना पहुँच गयी चाँद पर ,

दिन बदले, हालात बदला ,

पर बदला ना यहाँ का राज,

कैसी ये दुनिया, कैसा ये समाज। 

हम लड़कियां है, इस बात पर गम नहीं  करना है,

खुद में लानी है ताकत, उठकर सबको जवाब देना है,

जितना सहना था, सह चुके हम,

अब कुछ करना होगा, नहीं डरेंगे हम,

कुछ तो लोग कहेंगे लोगो का काम है कहना,

पर तुम कभी भी इन दायरो में ना रहना।

 

 

 

 

 

 

 

Sunday, 24 February 2013

meri ankhon ko bhi kisi ne gaur se dekha hota,
jab kabhi unme chupa kisi ka dard hota,
ansu aksar aa ajate hai ankhon mein,
jab muddato baad bhi,
ye gam khatam ni hota.....

jara sochna....

ek soch


ye tanhaan ratein guzar lenge hum,
bas ek paimane se gam na hoga kam,
aksar ratein guzar jati hai,
chand ko dubta aur suraj ko nikalta,
dekhte reh jate hai hum,
dil ki khwahishon ko juban par late hai hum, 
par phir apne ansuon ko ponch kar,
khamosh ho jate hai hum,
dil ki kitab par aksar likhte hai hum,
kaash wo humhare aur unke hote hum......