Monday, 4 November 2013

zindagi kaa sach....

ज़िन्दगी का सच


सब कुछ बदल जाती है
पलभर में पलट जाती है
प्यार हो या दोस्ती यारी
एक ग़लतफहमी से टूट जाती है।

यकीन करो उनपर,
भरोसा हो जिनपर,
ना  जाने कब वो मोड़ आ जाए,
दोस्ती टूट के बिखर जाये,
संभल कर चलो यहाँ ,
बदलते है लोग यहाँ।

कोशिश करती हूं हर बार ,
चाहे हो जितनी बार ,
ना जाये कोई भी दूर मुझसे ,
दुआँ करती हूं बारम्बार।

गलती हुए ना हमसे ,
फिर भी सज़ा मिली सबसे ,
हम दूर हो गए तबसे ,
इलज़ाम लगा जबसे।
 

2 comments:

  1. मोहब्बत के फ़साने को नया हम मोड़ देते हैं,
    दुनिया की बनाई सारी रस्में तोड़ देते हैं,
    इन आखों में तुम जब आना, तो सपना बन कर के आना,
    के आँसूं पलकों का दामन अक्सर छोड़ देते हैं !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. wow!!!!
      thank u sir fr ur lovely lines in comments....

      Delete